महाराज सगर का जन्म किस ऋषि के आश्रम में हुआ था ?

💠वृक के बाहु नामक पुत्र हुआ जो हैहय और तालजंघ आदि क्षत्रियों से पराजित होकर अपनी गर्भवती पटरानी के सहित वन में चला गया।


💠बाहु की पटरानी (पहली पत्नी) का गर्भ रोकने के इच्छा से उसकी दूसरी पत्नी ने उसे विष खिला दिया। जिसके प्रभाव से उसका गर्भ 7 वर्ष तक गर्भाशय ही में रहा। 


💠अंत में बाहु वृद्धावस्था के कारण और्व मुनि के आश्रम के समीप मर गये। तब उसकी पटरानी ने अपने पति के साथ सती होने का निश्चित किया। लेकिन और्व मुनि के समझाने पर उन्होंने सती होने का विचार त्याग दिया। 


💠कुछ समय बाद बाहु की पत्नी ने एक बालक को जन्म दिया। और्व मुनि ने उसका नाम सगर रखा और उसे वेद, शास्त्र एवं भार्गव नामक आग्नेय शस्त्रों की शिक्षा दी।

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