किस वृक्ष के लिये कृष्ण जी और देवराज इंद्र में युद्ध हुआ ?

✳️ नरकासुर को मारने के बाद जब श्री कृष्ण सत्यभामा के साथ स्वर्ग लोक गये और इंद्रदेव की माता के कुंडल और सभी वस्तुएं उन्हें दे दी। 

✳️ माता अदिति ने सत्यभामा को आशीर्वाद दिया कि तुम कभी बूढ़ी नहीं होगी और तुम्हारा नवयौवन हमेशा स्थिर रहेंगे। 

✳️ वहीं स्वर्ग के उद्यान में ही श्री कृष्ण और सत्यभामा ने पारिजात का वृक्ष देखा। उसे देखकर सत्यभामा ने श्री कृष्ण से कहा कि इसे तो द्वारका में होना चाहिए और यदि आप मुझसे प्रेम करते हैं तो मेरे महल में मुझे यह वृक्ष चाहिए।

✳️ यह सब सुनकर नंदन वन के रक्षक सैनिकों ने बताया कि ये इंद्र की पत्नी शची की संपत्ति है ,आप इसे नहीं ले जा सकते। श्री कृष्ण ने, इंद्र सहित सभी देवताओं से युद्ध किया, जिसमें उनकी हार हुई। जिसके बाद इंद्र का अहंकार टूट गया और उन्होंने श्री कृष्ण को पारिजात वृक्ष दे दिया, जिसे सत्यभामा ने पृथ्वीलोक में लाकर अपने महल के उद्यान में लगा दिया। 

✳️ पारिजात के पुष्पों की सुगंध तीन योजन तक फैलती थी। यादवों ने उस वृक्ष के पास जाकर जब अपना मुख देखा तो उन्हें अपना शरीर अमानुष दिखलायी दिया। इस वृक्ष के पास आकर सब मनुष्यों को अपने पूर्वजन्म का स्मरण हो जाता था।

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