श्री कृष्ण के पुत्र का हरण किस असुर ने किया ?

प्रद्युम्न का हरण 

शम्बरासुर ने श्री कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न का उनके जन्म के छठवें दिन हरण कर लिया था क्योंकि उन्हें पता था कि प्रद्युम्न के हाथों से ही उनकी मृत्यु होगी। 

प्रद्युम्न का हरण करने के बाद शम्बरासुर ने प्रद्युम्न को समुद्र में डाल दिया और एक मत्स्य (मछली) ने उन्हें निगल लिया, लेकिन प्रद्युम्न फिर भी जीवित रहा। फिर उस मछली को कुछ मछुआरों ने जाल में फंसा लिया।

शम्बरासुर की रसोइयां मायावती सभी रसोइयों की स्वामिनी थीं। 

मायावती ने उस मछली का पेट जैसे ही  काटा उसमें से एक सुंदर बालक निकला। तब देवर्षि नारद ने मायावती को सारी बातें बतायी और उसके पालन-पोषण के निर्देश दिए। 

जब वह बालक नवयुवक हुआ तब उसे पालने वाली उसपर आसक्त हो गई और उसी कारण से उसने प्रद्युम्न को सभी प्रकार की माया विद्या सिखा दी। तब नारद जी ने उन्हें बताया की शम्बरासुर का वध उनके हाथों होगा।

सारी बात जानकर प्रद्युम्न ने शम्बरासुर से युद्ध किया और शम्बरासुर को मार डाला। युद्ध के बाद मायावती और प्रद्युम्न दोनों विमान द्वारा द्वारका पहुँचे। 

जहां नारद जी ने सभी को बताया कि कामदेव ने ही प्रद्युम्न के रूप में जन्म लिया है और ये उनकी पत्नी रति हैं। फिर सभी ने प्रद्युम्न को अपनी पत्नी के साथ स्वीकार किया।

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