कस्तूरबा गांधी - 2
एक स्वतंत्रता सेनानी (१) वे सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखती थी। जब 1896 में गाँधी जी अफ्रिका गये तब कस्तूरबा भी साथ गयी थी। (२) गांधी जी को एक मुस्लिम व्यापारी का मुकदमें लड़ने के लिए अफ्रिका जाना पड़ा। वहां से गांधी जी अक्सर कस्तुरबा को पत्र लिखा की यहां गोरे हिंदुस्तानियों के साथ बहुत बदसलूकी करते है। इस मुकदमें के कारण गांधी 3 वर्ष तक वहां रुकना पड़ा। उसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों को अफ्रिका बुला लिया। (३) जब गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में टॉलस्टॉय और फिनिक्स आश्रमों की स्थापना की तब श्रीमती गांधी ही उन आश्रमों की देखरेख करती थी। वे बंदी होकर जेल जानें वाले सत्याग्रहियों की सेवा की उनकी इन सेवाओं को देखकर सत्याग्रही लोग उन्हें "बा" कहते थे। (४) गाँधी जी का साथ देने के कारण 1932 में वे साबरमती जेल में बंद थी। ठीक उसी समय गाँधी जी हरजनों के प्रश्न पर यरवदा जेल में आमरण उपवास कर रहे थे। (५) 1913 में जब वे कस्तूरबा अफ्रिका में थी तभी वहां की सरकार ने एक ऐसा कानून पारित किया की ईसाई धर्म की पद्धति से , किये गये विवाह ही मान्य होंगे, शेष अन्य विवाहों की मान...